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कॉरपोरेट्स ने 38 सौदों के जरिए भारत में 10.8 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस के लिए प्रतिबद्धता जताई : रिपोर्ट

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नई दिल्ली, 25 अप्रैल . कॉरपोरेट्स ने अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 तक छह महीने की अवधि के दौरान लगभग 10.8 मिलियन वर्ग फीट के कुल क्षेत्र को कवर करते हुए करीब 38 ऑफिस स्पेस डील के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है. यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई.

एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार, ये सौदे बेंगलुरु, मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की कंपनियों से प्री-कमिटेड हैं.

एनारॉक ग्रुप में कमर्शियल लीजिंग एंड एडवाइजरी के प्रबंध निदेशक पीयूष जैन ने कहा, “भारतीय और वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों, दोनों की बढ़ती मांग के साथ-साथ एडवांस टेक इंफ्रास्ट्रक्चर और ईएसजी अनुपालन जैसी वर्कप्लेस की बदलती जरूरतों ने प्री-कमिटेड एक्टिविटी को बढ़ावा दिया है.”

वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) की बढ़ती संख्या से भी मांग में वृद्धि होने की उम्मीद है, क्योंकि कंपनियां बड़े, उच्च-गुणवत्ता वाले वर्कप्लेस की तलाश कर रही हैं, जो उनके विशिष्ट पहचान को बनाए रखने में काम आ सकते हैं.

53 प्रतिशत भागीदारी के साथ बेंगलुरु में लगभग 5.7 मिलियन वर्ग फीट प्री-कमिटेड स्थान हैं. इसके बाद 29 प्रतिशत भागीदारी के साथ मुंबई में 3.1 मिलियन वर्ग फीट और 19 प्रतिशत भागीदारी के साथ एनसीआर में 2 मिलियन वर्ग फीट हैं.

तीनों शहर बीएफएसआई और को-वर्किंग सेक्टर्स में बड़ी संख्या में घरेलू कंपनियों और बहुराष्ट्रीय निगमों (एमएनसी) के घर हैं.

पिछले दो वर्षों में क्वालिटी ग्रेड ए-प्लस ऑफिस स्पेस की उपलब्धता कम होने के कारण, कई कंपनियों ने प्री-कमिटमेंट सौदों के माध्यम से फ्यूचर ऑफिस को सुरक्षित करने का विकल्प चुना है.

किसी प्रोजेक्ट के निर्माणाधीन चरण के दौरान हस्ताक्षरित समझौते कंपनियों को प्रमुख स्थान सुरक्षित करने, बेहतर लीज की शर्तों पर बातचीत करने और भविष्य में किराए में बढ़ोतरी से बचाने में मदद करते हैं.

बेंगलुरु में सबसे अधिक औसत डील साइज देखी गई, जिसमें कॉरपोरेट्स ने प्रति डील लगभग 0.5 मिलियन वर्ग फीट की प्रतिबद्धता जताई. मुंबई में औसत आकार 0.4 मिलियन वर्ग फीट था और एनसीआर में यह लगभग 0.1 मिलियन वर्ग फीट था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल सौदों में से 42 प्रतिशत 0.3 मिलियन वर्ग फीट से बड़े स्थानों के लिए थे. बेंगलुरु में ऐसे सबसे बड़े सौदों की संख्या नौ थी, उसके बाद मुंबई में चार और एनसीआर में तीन सौदे हुए.

इनमें से अधिकांश सौदे आईटी/आईटीईएस और बीएफएसआई क्षेत्रों की वैश्विक फर्मों ने किए, जो भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार करना चाहते हैं.

एसकेटी/एबीएम

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