मुंबई, 14 मई . शरद पवार और अजीत पवार के साथ आने की संभावनाओं पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने दावा किया है कि शरद पवार का राजनीति में करियर कुछ ऐसा रहा है कि कई बार पार्टी बनाई और कई बार पार्टी विलीन की है. पार्टी को जोड़ना और तोड़ना शरद पवार की नीति रही है.
समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान संजय शिरसाट ने कहा कि यह तो चाचा-भतीजा की बात है, यह कब एक हो जाएं, कुछ कह नहीं सकते हैं. इसीलिए, इनके मिलने से सबसे ज्यादा दुख यूबीटी को होगा. हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. भविष्य में इनके साथ आने के संकेत मिल रहे हैं.
पाकिस्तान से बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ की वापसी पर संजय शिरसाट ने कहा कि जो लोग सवाल कर रहे थे कि भारत या हमारे सशस्त्र बलों ने क्या किया है. यह जवाब उनके लिए है. भारत ने न केवल (दुश्मन क्षेत्र में) अंदर हमला किया है, बल्कि पाकिस्तान ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है और वह अपने घुटनों पर आ गया है. यह इस तथ्य से साबित होता है कि उन्होंने हमारे सैनिक को वापस कर दिया है, जिसे उन्होंने पकड़ लिया था.
‘तिरंगा यात्रा’ पर विपक्ष के सवालों पर संजय शिरसाट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पहले ही सबकुछ स्पष्ट कर चुके हैं. अब जो यात्रा हो रही है, वह सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए है. यह किसी पार्टी के प्रतीक के लिए नहीं है. अगर ‘तिरंगा यात्रा’ होगी, तो इससे देश के सैनिकों में जोश भर जाता है. हर युद्ध में ऐसी बात होती है. सैनिकों का हौसला बढ़ाना होता है. ‘तिरंगा यात्रा’ पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. अगर विपक्ष को ज्यादा ही सवाल पूछने का मन है तो वह पाकिस्तान चले जाएं, पाकिस्तान में हमारी सेना ने कितने आतंकी मारे. अगर विपक्ष को उनके नाम जानने हैं तो पाकिस्तान जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि विपक्ष इसीलिए इस पर राजनीति कर रहा है क्योंकि उसे वोट चाहिए.
उन्होंने कहा कि भारत में ‘मेड इन इंडिया’ हथियार बन रहे हैं और इन हथियारों ने अपनी काबिलियत अभी पाकिस्तान को भी दिखा दी.
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डीकेएम/एबीएम
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